मुख्यमंत्री जनकल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना
मुख्यमंत्री जनकल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना के तहत असंगठित कर्मकारों के बच्चों को महाविद्यालयों में निःशुल्क प्रवेश दिया जायेगा। राज्य शासन द्वारा ई-प्रवेश 2018-19 की प्रक्रिया में निःशुल्क उच्च शिक्षा योजना 2018-19 लागू करने के निर्देश जारी किये गये हैं। राज्य शासन द्वारा समस्त शासकीय विश्वविद्यालयों, शासकीय महाविद्यालयों और अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में निःशुल्क उच्च शिक्षा योजना- 2018-19 लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके अन्तर्गत स्नातक स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष में तथा स्नातकोत्तर स्तर पर प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के पारम्परिक और स्व वित्तीय पाठ्यक्रमों में निःशुल्क प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा। योजना के लिये विद्यार्थी के माता-पिता का श्रम विभाग में असंगठित कर्मकार के रूप में पंजीयन होना आवश्यक होगा। पात्रता सुनिश्चित होने पर प्रवेश के समय यह लाभ दिया जायेगा।
और अधिक जानकारी के लिए इस ब्लॉग को पूरा पढे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा के अनुरूप प्रदेश में रहने वाले गरीब व्यक्ति के बच्चों की पहली कक्षा से लेकर कॉलेज तक की पढ़ाई की फीस सरकार भरेगी। फीस भरने में जाति, समाज और धर्म का कोई भेदभाव नहीं किया जायेगा। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना का लाभ पाने के लिए यह जरूरी होगा कि संबंधित विद्यार्थी मजदूरों और श्रमिकों के परिवार से संबंधित हो। उसके माता-पिता/अभिभावक के पास 2.5 एकड़ से कम कृषि भूमि हो। उसके माता-पिता/अभिभावक आयकरदाता न हो और किसी भी प्रकार की शासकीय सेवा में न हों। माता-पिता/अभिभावक का श्रम विभाग में असंगठित कर्मकार के रूप में पंजीयन होना जरूरी है।
इस योजना के अंतर्गत जिन विद्यार्थियों के माता/पिता का म0प्र0 शासन के श्रम विभाग में असंगठित कर्मकार के रूप में पंजीयन हो, ऐसे विद्यार्थियों को निम्नांकित स्नातक/पॉलीटेकनिक डिप्लोमा/आईटीआई पाठयक्रमों में प्रवेश प्राप्त करने पर मुख्यमंत्री जनकल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना के अंतर्गत शिक्षण शुल्क राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। योजना के अंतर्गत स्नातक/पॉलीटेकनिक डिप्लोमा/आईटीआई पाठयक्रमों हेतु व्यय शुल्क के रूप में, प्रवेश शुल्क एवं वह वास्तविक शुल्क (मेस शुल्क एवं कॉशन मनी को छोड्कर) जो शुल्क विनियामक समिति अथवा म0प्र0 निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग अथवा भारत सरकार/राज्य शासन द्वारा निर्धारित किया गया हैं, का ही भुगतान किया जायेगा।
- इंजीनियरिंग हेतु जेईई मेंन्स (JEE MAINS) परीक्षा में रैंक 1,50,000 (एक लाख पचास हजार) के अंतर्गत होने की स्थिति में शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में प्रवेश लेने पर पूरी फीस एवं अनुदान प्राप्त/अशासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में प्रवेश लेने पर 1.50 लाख अथवा वास्तवित शिक्षण शुल्क जो भी कम हो।
- मेडिकल की पढाई हेतु नीट (NEET) प्रवेश परीक्षा के माध्यम से केन्द्र या राज्य शासन के मेडिकल/डेंटल महाविद्यालय के एमबीबीएस/बीडीएस पाठ्यक्रम अथवा मध्यप्रदेश में स्थित प्राईवेट मेडिकल के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त किया हो। भारत सरकार के संस्थानों जिनमें स्वयं के द्वारा आयोजित परीक्षा के आधार पर एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त होता है, के अभ्यर्थियों को भी पात्रता होगी।
- विधि की पढाई हेतु कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) अथवा स्वयं के द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों एवं दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश प्राप्त किया हो।
- भारत सरकार/राज्य सरकार के समस्त विश्वविद्यालयों/संस्थानों में संचालित ग्रेजुएशन प्रोग्राम एवं इंट्रीग्रेटेड पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम एवं ड्यूल डिग्री कोर्स (जिसमें मास्टर डिग्री के साथ बैचलर डिग्री भी सम्मिलित हैं) के पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्राप्त करने पर।
- राज्य शासन के समस्त शासकीय एवं अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों में संचालित समस्त स्नातक पाठ्यक्रमों, पॉलीटेकनिक महाविद्यालय में संचालित समस्त डिप्लोमा पाठयक्रमों एवं आईटीआई (ग्लोबल स्किल पार्क को सम्मिलित मानते हुए) में प्रवेश प्राप्त करने पर।
- शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अथवा उसके अधीन संचालित पैरामेडिकल साइंस के डिप्लोमा/ डिग्री एवं सर्टिफिकेट पाठयक्रम में प्रवेश प्राप्त करने पर ।

Comments
Post a Comment